Saturday, 7 October 2017

Bharat Ka Veer Putra: Maharana Pratap

He dhora waali dharati ro
He laal aayo re
Rakt tu ubaal sa
Satya hai tu dhal sa
Rakt tu ubaal sa
Satya hai tu dhal sa
Bharat kahe veera sa
Mera putra pratap hai
Prachand tu akhand tu
Surya sathi taap hai
Bharat bhumi garv kare
Mera putra pratap hai
Chada rakt ka tika hai
Mitti ko maa yeh maane
Desh bhakt ka mol hai
Jo mevadi rana jane
Sun sa hasih putra ka desh
Kan kan ka hai yeh pyaare
Jai jai jai jai jai jai
Jiski jai jaikaar pratap hai
Ek ling ka kahe jo
hum taar pratap hai
Veero ki shahas ki
jo hunkaar pratap hai
Jai jai jai jai jai jai
Jiski jai jaikaar pratap ha

Saturday, 16 July 2016

तीन कविताओं का संगम

1.ये हिमालय है हिंदुस्तान की शान


ये हिमालय है हिंदुस्तान की शान। 
ये हिमालय है हिंदुस्तान का मान।।
ये हिमालय पर्वत है महान्।
गर्व करता है इस पर सारा हिंदुस्तान।।

इसे ढका है बर्फ़ीली चादर।
इसे दक्षिण से प्रणाम किया सागर।।
इसकी विशालता है इसकी पहचान।
ये है सारे हिंदुस्तान की आन।।

इसकी चोटियाँ चूमती हैं गगन।
इससे टकराती है ठण्डी पवन।।
हर कोई करता है इसका सम्मान।
हर कोई करता है इसका गुणगान।।

इस पर्वत का रूप बड़ा ही न्यारा।
स्वर्ग से भी है ये बहुत प्यारा।
ये हिमालय है हिंदुस्तान की शान। 
ये हिमालय है हिंदुस्तान का मान।।



2. कोलकाता की दुर्गापूजा है बेमिसाल

भारत में बंगाल और बंगाल में कोलकाता।
कोलकाता में दुर्गापूजा की खुशियों का रंग है छा जाता।।
कोलकाता में सजते हैं सुंदर पंडाल।
कोलकाता की दुर्गापूजा है बेमिसाल।।

बंगाली, मारवाड़ी, गुजराती, पंजाबी सभी मिलकर यह उत्सव मनाते हैं
एकता की सुगंध से पूरे माहौल को महकाते हैं।।
चाँदनी रात में इस रंगीले उत्सव की रौनक चार चाँद लग जाते हैं।
दुल्हन की तरह सजे पंडाल रंगीली रोशनी में जगमगाते हैं।।

मोहित कर देती है हर किसी को ढाक की मधुर आवाज़।
कोलकाता की दुर्गापूजा यह बड़ा निराला।।
हर कोई इस खुशनुमा उत्सव में एक-दूसरे को हँसाता।
हर कोई इस रंगीले उत्सव में मस्त होकर झूमता और नाचता-गाता।।

3. छत्रपति शिवाजी थे एक योद्धा महान्

छत्रपति शिवाजी थे एक योद्धा महान्।
वे थे वीरांगना जीजाबाई की महावीर संतान।।
गर्व था उन पर सारे हिंदुस्तान को।
मिटा दिया था उन्होंने अफ़ज़ल खान जैसे शैतान को।।

दुश्मनों की बड़ी-से-बड़ी चाल को शिवाजी महाराज सहजता से भाँप जाते थे।
सभी दुश्मन उनका नाम सुनते ही डर के मारे थर-थर काँप जाते थे।।
मुगल शैतानों को धूल चटाकर की थी उन्होंने महान् मराठा साम्राज्य की स्थापना।
हर माँ को थी शिवाजी जैसी पराक्रमी संतान की कामना।।

अपने हर दुश्मन की शक्ति को शिवाजी महाराज ने खाक में मिलाया।
उन्हीं के प्रताप से शाइस्ता खान ने अपनी उंगलियों के साथ अपना भी गंवाया।।
शिवाजी महाराज थे महान् देशभक्त और महान् राष्ट्र निर्माता।
उनके प्रताप से शैतान मुगल बादशाह औरंगज़ेब था घबराता।।

शैतान औरंगज़ेब की क़ैद से निकलकर बुद्धिमान शिवाजी ने दिया था उसे ज़बर्दस्त चकमा।
पहुँचाया था उन्होंने मुगलों को गहरा सदमा।
हर मराठे के मन में देशप्रेम का बीज उन्होंने बोया था।
कठिन-से-कठिन हालातों में उन्होंने अपना धीरज न खोया।।

वीर शिवाजी की युद्धकला का हर किसी ने लोहा माना।
हर हाल में उन्होंने मातृभूमि का उद्धार करने को ठाना।।
उन पर था भगवान महादेव और मां तुलजा भवानी का वरदान।
छत्रपति शिवाजी थे एक योद्धा महान्।।